उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 (Class I-V)By hemantkumar / June 20, 2026 0% CHILD DEVELOPMENT उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2018 (Class I-V) 1 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 1. निम्न में से सामाजिक मूल्य कौन-सा है? (a) सहायतापरक व्यवहार / Altruistic behavior (b) प्राथमिक लक्ष्य / Primary goal (c) मूल प्रवृत्ति / Instinct (d) आक्रामकता की आवश्यकता / Need for aggression उत्तर: (a) व्याख्या:सामाजिक मूल्य वे आदर्श होते हैं जो व्यक्ति को समाज के प्रति उत्तरदायी और सहयोगी बनाते हैं। सहायतापरक व्यवहार, सहयोग, भाईचारा, सहानुभूति तथा सामाजिक उत्तरदायित्व इसी श्रेणी में आते हैं। ऐसे मूल्य सामाजिक समरसता और सकारात्मक मानवीय संबंधों को मजबूत बनाते हैं। दूसरी ओर मूल प्रवृत्ति, प्राथमिक लक्ष्य अथवा आक्रामकता जैसी अवधारणाएँ सामाजिक मूल्यों की श्रेणी में नहीं आतीं। निष्कर्षतः सहायतापरक व्यवहार एक महत्वपूर्ण सामाजिक मूल्य है जो समाज में सहयोग और सद्भाव को बढ़ावा देता है। परीक्षा तथ्य:• NCERT ने सामाजिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों पर विशेष बल दिया है। • Altruism का अर्थ निःस्वार्थ सहायता करना है। • सामाजिक मूल्य समाजीकरण की प्रक्रिया से विकसित होते हैं। • सहयोग और सहानुभूति प्रमुख सामाजिक मूल्य हैं। 2 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 2. निम्न में से कौन-सा अच्छे शिक्षण की विशेषता नहीं है? (a) स्वेच्छाचारी / Autocratic (b) जनतांत्रिक / Democratic (c) सहानुभूतिपूर्ण / Sympathetic (d) वांछनीय सूचनाएँ देने वाला / Providing desirable information उत्तर: (a) व्याख्या:अच्छे शिक्षण का वातावरण सहयोगात्मक, लोकतांत्रिक और छात्र-केंद्रित होता है। प्रभावी शिक्षक विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का अवसर देता है तथा सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाता है। इसके विपरीत स्वेच्छाचारी वातावरण में विद्यार्थियों की सक्रियता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति सीमित हो जाती है, जिससे सीखने की गुणवत्ता प्रभावित होती है। निष्कर्षतः स्वेच्छाचारी दृष्टिकोण प्रभावी शिक्षण की विशेषता नहीं माना जाता। परीक्षा तथ्य:• Child-Centered Education आधुनिक शिक्षण का आधार है। • लोकतांत्रिक कक्षा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाती है। • Effective Teaching में Feedback महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। • शिक्षक का सकारात्मक व्यवहार अधिगम को प्रभावित करता है। 3 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 3. "सीखने के वक्र अभ्यास द्वारा सीखने की मात्रा, गति और प्रगति की सीमा को ग्राफ पर प्रदर्शित करते हैं।" यह किसने कहा है? "Learning curves display the amount, speed and limit of learning on a graph through practice." Who said this? (a) स्किनर / Skinner (b) रॉस / Ross (c) एबिंगहास / Ebbinghaus (d) एम.एल. बिग्गी / M.L. Bigge कोई नही उत्तर: (*) व्याख्या: यह कथन वास्तव में गेट्स तथा अन्य विद्वानों से संबंधित माना जाता है। सीखने का वक्र (Learning Curve) किसी व्यक्ति की अधिगम प्रगति को ग्राफ के माध्यम से प्रदर्शित करता है। इसके द्वारा सीखने की गति, मात्रा, दक्षता तथा अभ्यास के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। चूँकि दिए गए विकल्पों में गेट्स का नाम नहीं था, इसलिए यह प्रश्न विवादित माना गया। निष्कर्षतः उपलब्ध विकल्पों में कोई भी पूर्णतः सही उत्तर नहीं था। परीक्षा तथ्य: • Learning Curve अधिगम की प्रगति दर्शाता है। • Plateau of Learning सीखने की अस्थायी रुकावट को दर्शाता है। • Ebbinghaus स्मृति एवं विस्मरण के लिए प्रसिद्ध हैं। • अभ्यास का अधिगम वक्र पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। 4 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 4. गिरोह अवस्था किस आयु वर्ग एवं विलम्ब-विकास से संबंधित है? (a) 16-19 वर्ष एवं नैतिकता / 16-19 years and morality (b) 3-6 वर्ष एवं भाषा / 3-6 years and language (c) 8-10 वर्ष एवं सामाजीकरण / 8-10 years and socialization (d) 16-19 वर्ष एवं संज्ञानात्मक / 16-19 years and cognitive उत्तर: (c) व्याख्या:गिरोह अवस्था (Gang Age) बाल विकास की वह अवधि है जिसमें बच्चे अपने मित्र समूह के साथ अधिक समय बिताना पसंद करते हैं तथा समूह की स्वीकृति को महत्व देने लगते हैं। सामान्यतः यह अवस्था 8 से 10 वर्ष की आयु में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। इस दौरान सामाजिक संपर्क, सहयोग, नेतृत्व तथा समूह भावना का विकास होता है। बालक अपने साथियों के व्यवहार, विचार और आदर्शों से प्रभावित होने लगता है। इसलिए यह अवस्था मुख्य रूप से समाजीकरण की प्रक्रिया से संबंधित मानी जाती है। निष्कर्षतः गिरोह अवस्था सामाजिक विकास एवं समूह सहभागिता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। परीक्षा तथ्य:• Gang Age शब्द का प्रयोग बाद की बाल्यावस्था के लिए किया जाता है। • इस अवस्था में Peer Group का प्रभाव बढ़ जाता है। • समाजीकरण की प्रक्रिया सबसे अधिक सक्रिय होती है। • नेतृत्व और सहयोग जैसे सामाजिक गुण विकसित होते हैं। 5 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 5. पियाजे के सिद्धांत के अनुसार प्राक्संक्रियात्मक अवस्था की अवधि क्या है? (a) चार से आठ साल / 4 to 8 years (b) जन्म से दो साल / Birth to 2 years (c) दो से सात साल / 2 to 7 years (d) पाँच से आठ साल / 5 to 8 years उत्तर: (c) व्याख्या:पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार प्राक्संक्रियात्मक अवस्था 2 से 7 वर्ष की आयु तक रहती है। इस अवस्था में बालक प्रतीकों, भाषा तथा मानसिक प्रतिमानों का प्रयोग करना शुरू करता है। हालांकि उसका चिंतन अभी तर्कसंगत नहीं होता और वह आत्मकेंद्रित प्रवृत्ति प्रदर्शित करता है। यही अवस्था आगे चलकर मूर्त संक्रियात्मक चिंतन की नींव रखती है। निष्कर्षतः 2 से 7 वर्ष की अवधि प्राक्संक्रियात्मक अवस्था कहलाती है। परीक्षा तथ्य:• Piaget ने संज्ञानात्मक विकास की 4 अवस्थाएँ बताई। • Pre-operational Stage में Symbolic Thinking विकसित होती है। • Egocentrism इस अवस्था की प्रमुख विशेषता है। • Sensorimotor Stage जन्म से 2 वर्ष तक होती है। 6 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 6. निम्न में से कौन-सा संवेग का तत्त्व नहीं है? (a) व्यवहारात्मक / Behavioral (b) दैहिक / Physiological (c) संज्ञानात्मक / Cognitive (d) संवेदी / Sensory उत्तर: (d) व्याख्या:संवेग एक जटिल मानसिक अवस्था है जिसमें दैहिक, व्यवहारात्मक और संज्ञानात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। किसी संवेग की स्थिति में हृदयगति बढ़ना, रक्तचाप में परिवर्तन, चेहरे के भाव बदलना तथा विचार प्रक्रिया में बदलाव जैसे प्रभाव दिखाई देते हैं। संज्ञानात्मक पक्ष व्यक्ति की व्याख्या और अनुभव से जुड़ा होता है, जबकि व्यवहारात्मक पक्ष उसकी अभिव्यक्ति को दर्शाता है। इसके विपरीत संवेदी तत्व संवेग की मूल संरचना का भाग नहीं माना जाता। निष्कर्षतः संवेदी तत्व संवेग के प्रमुख घटकों में शामिल नहीं है। परीक्षा तथ्य:• Emotion में Physiological, Cognitive और Behavioral घटक शामिल होते हैं। • James-Lange Theory संवेग के शारीरिक परिवर्तनों पर बल देती है। • Cannon-Bard Theory संवेग और शारीरिक प्रतिक्रिया को साथ मानती है। • संवेग व्यवहार को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। 7 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 7. निम्न में से कौन-सा थॉर्नडाइक के अधिगम के प्राथमिक नियमों में शामिल नहीं है? (a) साहचर्यात्मक स्थानान्तरण का नियम / Law of associative shifting (b) अभ्यास का नियम / Law of exercise (c) प्रभाव का नियम / Law of effect (d) तत्परता का नियम / Law of readiness उत्तर: (a) व्याख्या:थॉर्नडाइक ने अधिगम के तीन प्रमुख नियम बताए थे—अभ्यास का नियम, प्रभाव का नियम तथा तत्परता का नियम। ये नियम अधिगम प्रक्रिया के मूल आधार माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने कुछ गौण नियम भी दिए, जिनमें साहचर्यात्मक स्थानांतरण का नियम शामिल है। इसलिए यह प्राथमिक नियमों का भाग नहीं है। निष्कर्षतः साहचर्यात्मक स्थानांतरण का नियम थॉर्नडाइक के गौण नियमों में आता है। परीक्षा तथ्य:• Law of Effect थॉर्नडाइक का सबसे प्रसिद्ध नियम है। • Trial and Error Theory थॉर्नडाइक से संबंधित है। • Readiness सीखने की तैयारी को दर्शाता है। • Associative Shifting गौण नियमों में शामिल है। 8 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 8. शैक्षिक सुधारों में प्रभावी विकेन्द्रीकरण तभी संभव होगा- Effective decentralization in educational reforms will be possible only when- (a) A और C (b) A और B (c) B और C (d) A, B और C उत्तर: (d) व्याख्या: शैक्षिक विकेन्द्रीकरण का उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर तक पहुँचाना है। इसके लिए खंड एवं संकुल संसाधन केंद्रों की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय विशेषज्ञ व्यक्तियों की उपलब्धता तथा शिक्षकों के पास पर्याप्त संसाधन एवं प्रासंगिक सामग्री होना आवश्यक है। जब स्थानीय समुदाय, विद्यालय और शिक्षक मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनती है। निष्कर्षतः विकेन्द्रीकरण की सफलता बहुस्तरीय सहभागिता और संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। परीक्षा तथ्य: • Decentralization शिक्षा प्रशासन का महत्वपूर्ण सिद्धांत है। • BRC = Block Resource Centre। • CRC = Cluster Resource Centre। • सामुदायिक सहभागिता शिक्षा सुधारों का प्रमुख आधार है। 9 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 9. इनमें से कौन मनोवैज्ञानिक 'भाषा विकास' से संबद्ध है? (a) पैवलव / Pavlov (b) बिने / Binet (c) चोमस्की / Chomsky (d) मास्लो / Maslow उत्तर: (c) व्याख्या:नोआम चोमस्की ने भाषा विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया कि भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है और प्रत्येक बच्चे में एक अंतर्निहित भाषा अधिग्रहण तंत्र (Language Acquisition Device) मौजूद होता है। उनके अनुसार बच्चे केवल अनुकरण से भाषा नहीं सीखते, बल्कि उनके भीतर भाषा की संरचना को समझने की जैविक क्षमता होती है। निष्कर्षतः भाषा विकास को समझाने में चोमस्की का सिद्धांत अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। परीक्षा तथ्य:• Chomsky = Nativist Theory of Language Development। • LAD = Language Acquisition Device। • Universal Grammar की अवधारणा चोमस्की ने दी। • भाषा विकास में जैविक आधार को महत्व दिया गया। 10 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 10. अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत किसके अनुकूलन पर बल देता है? Conditioned response theory emphasizes the conditioning of- (a) तर्क / Reasoning (b) व्यवहार / Behavior (c) चिन्तन / Thinking (d) अभिप्रेरणा / Motivation उत्तर: (b) व्याख्या: अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत (Conditioned Response Theory) का प्रतिपादन पैवलव ने किया था। इस सिद्धांत के अनुसार किसी प्राकृतिक उद्दीपक के साथ कृत्रिम उद्दीपक को बार-बार प्रस्तुत करने पर व्यक्ति या प्राणी उस कृत्रिम उद्दीपक पर भी समान प्रतिक्रिया देने लगता है। यह प्रक्रिया व्यवहार के अनुकूलन को दर्शाती है। इसलिए इस सिद्धांत का मुख्य केंद्र व्यवहार में परिवर्तन और उसका अनुबंधन है। निष्कर्षतः यह सिद्धांत व्यवहार के अनुकूलन पर बल देता है। परीक्षा तथ्य: • Pavlov = Classical Conditioning। • कुत्ते एवं घंटी का प्रयोग प्रसिद्ध है। • UCS, UCR, CS और CR इसकी प्रमुख अवधारणाएँ हैं। • यह व्यवहारवादी मनोविज्ञान का आधार है। 11 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 11. निम्न में से कौन-सी अधिगम की एक विशेषता नहीं है? (a) अधिगम का अवलोकन प्रत्यक्ष रूप से किया जा सकता है / Learning can be directly observed (b) अधिगम व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है / Learning is relatively permanent change in behavior (c) अधिगम प्राणी की अभिवृद्धि है / Learning is growth of organism (d) अधिगम एक लक्ष्योन्मुख प्रक्रिया है / Learning is a goal-oriented process उत्तर: (a) व्याख्या:अधिगम एक आंतरिक मानसिक प्रक्रिया है, इसलिए इसका प्रत्यक्ष अवलोकन नहीं किया जा सकता। हम केवल व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों के आधार पर यह अनुमान लगाते हैं कि अधिगम हुआ है या नहीं। अधिगम व्यक्ति के विकास, समायोजन, अनुभवों के संगठन तथा लक्ष्य प्राप्ति से संबंधित प्रक्रिया है। यह व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन उत्पन्न करता है। निष्कर्षतः अधिगम को सीधे नहीं देखा जा सकता, बल्कि उसके प्रभावों का अवलोकन किया जाता है। परीक्षा तथ्य:• Learning = Relatively Permanent Change in Behaviour। • योकम एवं सिम्पसन ने अधिगम की विशेषताओं का वर्णन किया। • अधिगम अनुभव आधारित प्रक्रिया है। • प्रत्यक्ष अवलोकन व्यवहार का होता है, अधिगम का नहीं। 12 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 12. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की तृतीय अवस्था निम्न में से कौन-सा है? (a) औपचारिक संक्रिया अवस्था / Formal operational stage (b) पूर्व-संक्रिया अवस्था / Pre-operational stage (c) मूर्त संक्रिया अवस्था / Concrete operational stage (d) संवेदनात्मक गामक अवस्था / Sensory-motor stage उत्तर: (c) व्याख्या:पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास चार प्रमुख अवस्थाओं में होता है। इनमें तीसरी अवस्था मूर्त संक्रिया अवस्था (7 से 11 वर्ष) कहलाती है। इस अवस्था में बालक वास्तविक वस्तुओं और घटनाओं के आधार पर तार्किक चिंतन करने लगता है। वह वर्गीकरण, क्रमबद्धता तथा संरक्षण (Conservation) जैसी अवधारणाओं को समझने की क्षमता विकसित कर लेता है। हालांकि उसका चिंतन अभी भी मूर्त परिस्थितियों तक सीमित रहता है। निष्कर्षतः मूर्त संक्रिया अवस्था तार्किक चिंतन के विकास की महत्वपूर्ण अवस्था है। परीक्षा तथ्य:• Concrete Operational Stage = 7 से 11 वर्ष। • Conservation की अवधारणा इसी अवस्था में विकसित होती है। • वर्गीकरण एवं क्रमबद्धता की क्षमता बढ़ती है। • यह अवस्था Pre-operational और Formal Operational के बीच स्थित है। 13 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 13. एक छात्र पढ़ रहा है, उसका नाम लेकर किसी ने बुलाया। निम्न में से किस संवेदना द्वारा वह अपनी अनुक्रिया प्रकट करेगा? (a) दृष्टि संवेदना / Visual sensation (b) स्पर्श संवेदना / Tactile sensation (c) ध्वनि संवेदना / Auditory sensation (d) प्रत्यक्षणा संवेदना / Perceptual sensation उत्तर: (c) व्याख्या:संवेदना वह प्रारंभिक मानसिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से ज्ञानेन्द्रियाँ बाहरी उद्दीपकों को ग्रहण करती हैं। यदि किसी छात्र को नाम लेकर पुकारा जाता है तो वह सबसे पहले ध्वनि को सुनता है और उसी के आधार पर प्रतिक्रिया देता है। इस स्थिति में श्रवण या ध्वनि संवेदना सक्रिय होती है। इसलिए उसकी प्रतिक्रिया का आधार ध्वनि संवेदना होगी। निष्कर्षतः श्रवण संबंधी उद्दीपक पर प्रतिक्रिया ध्वनि संवेदना के माध्यम से होती है। परीक्षा तथ्य:• Sensation अधिगम की प्रारंभिक मानसिक प्रक्रिया है। • Auditory Sensation का संबंध कान से है। • Perception संवेदना के बाद की प्रक्रिया है। • ज्ञानेन्द्रियाँ संवेदनाओं का आधार होती हैं। 14 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 14. समावेशीकरण की सफलता के लिए आवश्यक है- Successful inclusion requires- (a) क्षमता निर्माण का अभाव / Lack of capacity building (b) अभिभावकों की भागीदारी का न होना / No involvement of parents (c) अलगाव / Segregation (d) संवेदनशीलता / Sensitization उत्तर: (d) व्याख्या: समावेशी शिक्षा तभी सफल हो सकती है जब समाज, परिवार, शिक्षक, सहपाठी और विद्यालय सभी स्तरों पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएँ। संवेदनशीलता के अभाव में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भेदभाव और अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। जब सभी लोग उनकी आवश्यकताओं को समझते हैं और सहयोग प्रदान करते हैं, तब वे शिक्षा एवं सामाजिक जीवन में बेहतर समायोजन कर पाते हैं। निष्कर्षतः समावेशीकरण की सफलता का मूल आधार संवेदनशील और सहयोगी वातावरण है। परीक्षा तथ्य: • Inclusion का उद्देश्य भेदभाव समाप्त करना है। • Parental Involvement समावेशी शिक्षा की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। • Sensitization Program विद्यालयों में जागरूकता बढ़ाने हेतु आयोजित किए जाते हैं। • Inclusive Education सामाजिक समानता को बढ़ावा देती है। 15 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 15. क्रिया-प्रसूत अनुबन्धन का दूसरा नाम है- Another name of operant conditioning is- (a) समीपस्थ अनुबंधन / Contiguous conditioning (b) नैमित्तिक अनुबंधन / Instrumental conditioning (c) प्राचीन अनुबंधन / Classical conditioning (d) चिन्ह अनुबंधन / Sign conditioning उत्तर: (b) व्याख्या: क्रिया-प्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) का विकास बी.एफ. स्किनर ने किया था। इसमें व्यवहार को उसके परिणामों के आधार पर नियंत्रित और संशोधित किया जाता है। चूँकि किसी प्रतिक्रिया का पुनर्बलन उसके भविष्य के व्यवहार को प्रभावित करता है, इसलिए इसे नैमित्तिक या साधनात्मक अनुबंधन भी कहा जाता है। इस सिद्धांत में पुरस्कार और दंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निष्कर्षतः Operant Conditioning का दूसरा नाम Instrumental Conditioning है। परीक्षा तथ्य: • B.F. Skinner = Operant Conditioning। • Reinforcement इसका मुख्य आधार है। • Skinner Box Experiment प्रसिद्ध है। • Positive और Negative Reinforcement दोनों महत्वपूर्ण हैं। 16 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 16. निम्न में से कौन-सा अवबोध स्तर के शिक्षण में शामिल है? (a) पृथक्करण / Isolation (b) अनुप्रयोग / Application (c) तुलना / Comparison (d) अन्वेषण / Exploration उत्तर: (d) व्याख्या:अवबोध स्तर का शिक्षण केवल तथ्यों को याद कराने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विषय की वास्तविक समझ विकसित करने पर बल देता है। इस स्तर पर विद्यार्थी अन्वेषण, प्रस्तुतीकरण, आत्मीकरण और अभिव्यक्ति जैसी प्रक्रियाओं से गुजरते हैं। अन्वेषण चरण में विद्यार्थी समस्या या विषय को समझने के लिए सक्रिय रूप से जानकारी खोजता है और उसका विश्लेषण करता है। यही प्रक्रिया आगे चलकर गहन समझ विकसित करती है। निष्कर्षतः अन्वेषण अवबोध स्तर के शिक्षण का महत्वपूर्ण सोपान है। परीक्षा तथ्य:• Morrison को Understanding Level Teaching से जोड़ा जाता है। • Understanding Level स्मृति स्तर से उच्च माना जाता है। • इसमें शिक्षक और विद्यार्थी दोनों सक्रिय रहते हैं। • Exploration शिक्षण की खोजपरक प्रकृति को दर्शाता है। 17 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 17. पश्च अन्वेषण तथा साधन-साक्ष्य विश्लेषण निम्न में से किसके उदाहरण हैं? (a) स्वतःशोध / Heuristic (b) एल्गोरिदम / Algorithm (c) मानसिक वृत्ति / Mental set (d) प्रकार्यात्मक स्थिरता / Functional fixedness उत्तर: (a) व्याख्या:स्वतःशोध (Heuristic) समस्या समाधान की ऐसी विधि है जिसमें व्यक्ति सभी संभावित विकल्पों की जाँच करने के बजाय उपयुक्त और संभावित विकल्पों का चयन करके समाधान खोजने का प्रयास करता है। पश्च अन्वेषण (Backward Search) तथा साधन-साक्ष्य विश्लेषण (Means-End Analysis) इसी प्रकार की रणनीतियाँ हैं। ये समय और प्रयास की बचत करते हुए समाधान तक पहुँचने में सहायता करती हैं। निष्कर्षतः दोनों प्रक्रियाएँ स्वतःशोध विधि के प्रमुख उदाहरण हैं। परीक्षा तथ्य:• Heuristic Method का संबंध Problem Solving से है। • Means-End Analysis का प्रयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भी होता है। • Algorithm चरणबद्ध और निश्चित प्रक्रिया होती है। • Heuristic हमेशा सबसे सही उत्तर की गारंटी नहीं देता। 18 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 18. अधोलिखित में गणित-सम्बन्धी अधिगम अक्षमता को कौन-सा पद परिभाषित करता है? (a) नीरसता सम्बन्धी दोष / Dulling related defect (b) पठन दोष / Reading defect (c) गणना दोष / Calculation defect (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं / None of the above उत्तर: (c) व्याख्या:गणितीय अधिगम अक्षमता को डिस्कैल्क्युलिया (Dyscalculia) कहा जाता है। इस समस्या से प्रभावित बच्चों को संख्याओं की पहचान, गणितीय चिह्नों की समझ, गणना तथा संख्यात्मक संबंधों को समझने में कठिनाई होती है। वे जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी सामान्य क्रियाओं में भी संघर्ष कर सकते हैं। यह समस्या बुद्धि की कमी नहीं बल्कि विशिष्ट अधिगम अक्षमता से जुड़ी होती है। निष्कर्षतः गणना दोष गणितीय अधिगम कठिनाई का प्रमुख संकेतक माना जाता है। परीक्षा तथ्य:• Dyslexia = पढ़ने की समस्या। • Dysgraphia = लिखने की समस्या। • Dyscalculia = गणितीय गणना की समस्या। • Learning Disability और Intellectual Disability अलग अवधारणाएँ हैं। 19 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 19. समावेशी कक्षा में किस प्रकार का/के छात्र शामिल होता/होते है/हैं? (a) केवल विशिष्ट छात्र / Only specific students (b) सामान्य और विशिष्ट छात्र / General and specific students (c) केवल सामान्य छात्र / Only general students (d) बहुभाषी और प्रतिभाशाली छात्र / Multilingual and gifted students उत्तर: (b) व्याख्या:समावेशी शिक्षा का उद्देश्य सभी बच्चों को समान शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसमें सामान्य विद्यार्थियों के साथ-साथ विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी भी एक ही कक्षा में शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसी कक्षाएँ संसाधनयुक्त, सहयोगात्मक तथा विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर संचालित की जाती हैं। इससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा सामाजिक समायोजन बेहतर होता है। निष्कर्षतः समावेशी कक्षा विविधताओं को स्वीकार कर सभी विद्यार्थियों के लिए समान सीखने का वातावरण प्रदान करती है। परीक्षा तथ्य:• Inclusive Education का समर्थन RPWD Act, 2016 करता है। • समावेशी शिक्षा का मूल सिद्धांत “Education for All” है। • UNESCO समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देता है। • विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सामान्य विद्यालयों में शिक्षा देने पर बल दिया जाता है। 20 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 20. निम्न में से कौन-सी बाद की बाल्यावस्था के बौद्धिक विकास की विशेषता नहीं है? (a) भविष्य की योजना की सूझ-बूझ (b) विज्ञान की काल्पनिक कथाओं में अधिक रुचि (c) बढ़ती हुई तार्किक शक्ति (d) काल्पनिक भयों का अन्त उत्तर: (a) व्याख्या:बाद की बाल्यावस्था में बच्चों की तार्किक शक्ति बढ़ती है, काल्पनिक भय कम होने लगते हैं तथा वे कल्पनाशील साहित्य और विज्ञान कथाओं में रुचि लेने लगते हैं। भविष्य की विस्तृत योजना बनाना और दूरदर्शी चिंतन सामान्यतः किशोरावस्था एवं उससे आगे के विकास से संबंधित माना जाता है। इसलिए यह विशेषता बाद की बाल्यावस्था की नहीं मानी जाती। निष्कर्षतः भविष्य की योजना संबंधी परिपक्व सूझ-बूझ इस अवस्था की प्रमुख बौद्धिक विशेषता नहीं है। परीक्षा तथ्य:• Later Childhood को Gang Age भी कहा जाता है। • इस अवस्था में तार्किक चिंतन विकसित होने लगता है। • सामाजिक संबंधों का महत्व बढ़ता है। • काल्पनिक भय धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं। 21 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 21. संज्ञानात्मक क्षेत्र का सही क्रम है- The correct sequence of cognitive domain is- (a) ज्ञान-अनुप्रयोग-अवबोध-विश्लेषण-संश्लेषण-मूल्यांकन (b) मूल्यांकन-अनुप्रयोग-विश्लेषण-संश्लेषण-अवबोध-ज्ञान (c) मूल्यांकन-संश्लेषण-विश्लेषण-अनुप्रयोग-अवबोध-ज्ञान (d) ज्ञान-अवबोध-अनुप्रयोग-विश्लेषण-संश्लेषण-मूल्यांकन उत्तर: (d) व्याख्या: ब्लूम ने संज्ञानात्मक क्षेत्र को सरल से जटिल क्रम में व्यवस्थित किया। इस क्रम की शुरुआत ज्ञान से होती है, जहाँ तथ्यों का स्मरण किया जाता है। इसके बाद अवबोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और अंत में मूल्यांकन का स्तर आता है। प्रत्येक स्तर पिछले स्तर पर आधारित होता है और उच्च स्तरीय चिंतन क्षमता का विकास करता है। निष्कर्षतः ज्ञान से मूल्यांकन तक का क्रम ब्लूम की संज्ञानात्मक सोपानिकी का सही क्रम है। परीक्षा तथ्य: • Bloom Taxonomy वर्ष 1956 में प्रकाशित हुई। • Cognitive Domain में 6 मूल स्तर बताए गए। • Revised Bloom Taxonomy में कुछ स्तरों के नाम बदले गए। • मूल्यांकन उच्च स्तरीय चिंतन कौशलों में शामिल है। 22 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 22. कोहलर यह सिद्ध करना चाहता था कि सीखना- Kohler wanted to prove that learning is- (a) एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति, पशु से श्रेष्ठ है / A situation in which human beings are superior to animals (b) स्वायत्त यादृच्छिक क्रिया है / An autonomous random activity (c) संज्ञानात्मक संकार्य है / A cognitive operation (d) परिस्थिति के विभिन्न अंगों का प्रत्यक्षीकरण है / The perception of different parts of the situation उत्तर: (c) व्याख्या: कोहलर ने अपने सूझ (Insight) अधिगम सिद्धांत के माध्यम से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि सीखना केवल यांत्रिक प्रतिक्रिया या प्रयास-त्रुटि की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक संज्ञानात्मक क्रिया है। उनके अनुसार जब व्यक्ति या प्राणी किसी समस्या की संपूर्ण स्थिति को समझ लेता है, तब अचानक समाधान प्राप्त होता है जिसे सूझ कहा जाता है। यह प्रक्रिया मानसिक संगठन, चिंतन और बौद्धिक समझ पर आधारित होती है। इसलिए कोहलर ने अधिगम को एक संज्ञानात्मक संकार्य के रूप में प्रस्तुत किया। निष्कर्षतः कोहलर के अनुसार प्रभावी अधिगम का आधार मानसिक अंतर्दृष्टि और स्थिति की समग्र समझ है। परीक्षा तथ्य: • कोहलर गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के प्रमुख प्रवर्तकों में थे। • Insight Learning को सूझ अधिगम भी कहा जाता है। • चिंपैंजी "सुल्तान" पर किया गया प्रयोग कोहलर का प्रसिद्ध अध्ययन है। • गेस्टाल्टवाद का सिद्धांत है: “Whole is greater than the sum of its parts.” 23 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 23. अभिप्रेरणा का प्रत्याशा सिद्धांत किसके द्वारा दिया गया है? Expectancy theory of motivation has been given by- (a) विक्टर ब्रूम / Victor Vroom (b) मास्लो / Maslow (c) हर्जबर्ग / Herzberg (d) स्किनर / Skinner उत्तर: (a) व्याख्या: विक्टर ब्रूम ने 1964 में प्रत्याशा सिद्धांत (Expectancy Theory) प्रस्तुत किया। इस सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति किसी कार्य को करने से पहले उसके संभावित परिणामों और उनसे मिलने वाले लाभ का आकलन करता है। यदि उसे विश्वास होता है कि प्रयास से सफलता मिलेगी और सफलता से वांछित परिणाम प्राप्त होंगे, तो उसकी अभिप्रेरणा बढ़ जाती है। निष्कर्षतः प्रत्याशा, प्रदर्शन और परिणाम के बीच संबंध इस सिद्धांत का मूल आधार है। परीक्षा तथ्य: • Victor Vroom = Expectancy Theory। • Herzberg = Two Factor Theory। • Maslow = Hierarchy of Needs Theory। • Motivation व्यवहार को दिशा और ऊर्जा प्रदान करती है। 24 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 24. थार्नडाइक ने अपने सिद्धांत को किस शीर्षक से सिद्ध किया? (a) संज्ञानात्मक अधिगम / Cognitive Learning (b) अधिगम के प्रयास एवं भूल / Trial and Error Learning (c) संकेत अधिगम / Sign Learning (d) स्थान अधिगम / Place Learning उत्तर: (b) व्याख्या:थॉर्नडाइक ने अधिगम को प्रयास एवं भूल (Trial and Error) की प्रक्रिया के रूप में समझाया। उनके अनुसार सीखना विभिन्न प्रयासों के माध्यम से होता है, जहाँ सफल प्रतिक्रियाएँ धीरे-धीरे स्थायी बन जाती हैं और असफल प्रतिक्रियाएँ समाप्त हो जाती हैं। इसी सिद्धांत को संबंधवाद (Connectionism) तथा उद्दीपक-अनुक्रिया सिद्धांत भी कहा जाता है। पुनर्बलन और संतोषजनक परिणाम सीखने को मजबूत बनाते हैं। निष्कर्षतः थॉर्नडाइक का अधिगम सिद्धांत प्रयास एवं भूल पर आधारित है। परीक्षा तथ्य:• Thorndike = Trial and Error Theory। • Law of Effect उनका प्रसिद्ध नियम है। • Puzzle Box Experiment थॉर्नडाइक से संबंधित है। • Connectionism Theory भी इसी सिद्धांत का दूसरा नाम है। 25 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 25. निम्न में से अधिगम में योगदान देने वाले मनोवैज्ञानिक कारकों में कौन-सा शामिल नहीं है? (a) अधिगम की इच्छा / Desire to learn (b) प्रेरणा / Motivation (c) रुचि / Interest (d) विषयवस्तु का स्वरूप / Nature of content उत्तर: (d) व्याख्या:अधिगम को प्रभावित करने वाले मनोवैज्ञानिक कारकों में अभिप्रेरणा, रुचि, इच्छा, बुद्धि, अभिवृत्ति, परिपक्वता और व्यक्तित्व जैसी आंतरिक विशेषताएँ शामिल होती हैं। ये कारक सीधे शिक्षार्थी के मानसिक एवं भावनात्मक पक्ष से संबंधित होते हैं। दूसरी ओर विषयवस्तु का स्वरूप बाह्य अथवा पर्यावरणीय कारक माना जाता है, क्योंकि इसका संबंध अध्ययन सामग्री से होता है। इसलिए इसे मनोवैज्ञानिक कारकों की श्रेणी में नहीं रखा जाता। निष्कर्षतः विषयवस्तु का स्वरूप अधिगम को प्रभावित तो करता है, परंतु यह मनोवैज्ञानिक कारक नहीं है। परीक्षा तथ्य:• Motivation अधिगम का प्रमुख प्रेरक तत्व है। • Interest सीखने की गति बढ़ाता है। • Intelligence अधिगम की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। • Internal एवं External Factors में अंतर पूछा जाता है। 26 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 26. कौशलों के स्थानान्तरण के लिए कौन-सा उपयोगी है? (a) कौशल अन्तरण एक गति है न कि उद्देश्य / Skill transfer is a journey, not a destination (b) रेखीय अभिक्रम / Linear program (c) शाखीय अभिक्रम / Branched program (d) तैयारी और अर्जन / Preparation and acquisition उत्तर: (a) व्याख्या:कौशल (Skill) किसी कार्य को दक्षता, सटीकता और कम समय में पूरा करने की क्षमता को दर्शाता है। जब एक परिस्थिति में सीखा गया कौशल दूसरी परिस्थिति में उपयोगी सिद्ध होता है, तो उसे कौशल अंतरण (Transfer of Skill) कहा जाता है। यह कोई अंतिम लक्ष्य नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति पूर्व अनुभवों के आधार पर नए कार्यों में दक्षता प्राप्त करता है। वाहन चलाना, टाइपिंग या आशुलिपि जैसे कौशल इसी प्रकार क्रमिक रूप से विकसित होते हैं। निष्कर्षतः कौशल अंतरण को एक सतत यात्रा माना जाता है, न कि केवल प्राप्त किया जाने वाला उद्देश्य। परीक्षा तथ्य:• Skill Transfer का संबंध Learning Transfer से है। • Positive Transfer सीखने की गति बढ़ाता है। • कौशल अधिगम सामान्यतः अभ्यास पर आधारित होता है। • Motor Skills और Cognitive Skills दोनों का अंतरण संभव है। 27 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 27. सूक्ष्म शिक्षण चक्र का प्रथम पद होता है- The first step of microteaching cycle is- (a) प्रतिपुष्टि / Feedback (b) शिक्षण / Teaching (c) योजना बनाना / Planning (d) प्रस्तावना / Introduction उत्तर: (c) व्याख्या: सूक्ष्म शिक्षण (Micro Teaching) शिक्षक प्रशिक्षण की एक वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें किसी विशेष शिक्षण कौशल का अभ्यास छोटे स्तर पर कराया जाता है। इस प्रक्रिया की शुरुआत योजना निर्माण (Planning) से होती है। शिक्षक पहले पाठ की योजना बनाता है, फिर शिक्षण करता है, प्रतिपुष्टि प्राप्त करता है और आवश्यक सुधार के बाद पुनः शिक्षण करता है। यह चक्र शिक्षण कौशलों को विकसित करने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है। निष्कर्षतः योजना बनाना सूक्ष्म शिक्षण चक्र का प्रथम और आधारभूत चरण है। परीक्षा तथ्य: • DW Allen को Micro Teaching का जनक कहा जाता है। • इसका विकास Stanford University में हुआ। • Micro Teaching कौशल विकास पर केंद्रित है। • Feedback सूक्ष्म शिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण घटक माना जाता है। 28 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 28. निम्न में से कौन-सा शिक्षण का सूत्र नहीं है? (a) सरल से कठिन की ओर / From simple to complex (b) अनिश्चित से निश्चित की ओर / From indefinite to definite (c) दृश्य से अदृश्य की ओर / From seen to unseen (d) निगमन से आगमन की ओर / From deduction to induction उत्तर: (d) व्याख्या:शिक्षण सूत्र शिक्षण प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए निर्धारित मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। सरल से कठिन, ज्ञात से अज्ञात, दृश्य से अदृश्य तथा अनिश्चित से निश्चित की ओर जैसे सूत्र विद्यार्थियों के मानसिक विकास के अनुरूप शिक्षण को आगे बढ़ाते हैं। दूसरी ओर निगमन (Deduction) और आगमन (Induction) शिक्षण की विधियाँ हैं, न कि शिक्षण सूत्र। इसलिए निगमन से आगमन की ओर को शिक्षण का सूत्र नहीं माना जाता। निष्कर्षतः यह विकल्प शिक्षण सूत्रों की श्रेणी में नहीं आता। परीक्षा तथ्य:• Comenius को आधुनिक शिक्षण पद्धति का अग्रदूत माना जाता है। • ज्ञात से अज्ञात की ओर सबसे अधिक प्रयुक्त शिक्षण सूत्र है। • शिक्षण सूत्र मनोवैज्ञानिक आधार पर निर्मित होते हैं। • आगमन एवं निगमन शिक्षण विधियाँ हैं। 29 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 29. अग्रिम व्यवस्थापक प्रतिमान किस परिवार से सम्बन्धित है? (a) वैयक्तिक / Personal (b) सामाजिक अन्तःक्रिया / Social Interaction (c) सूचना प्रक्रियाकरण / Information Processing (d) व्यवहार परिमार्जन / Behavior Modification उत्तर: (c) व्याख्या:अग्रिम व्यवस्थापक प्रतिमान (Advance Organizer Model) का विकास डेविड ऑसुबेल द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य नई जानकारी को विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान से जोड़कर सार्थक अधिगम को बढ़ावा देना है। ब्रूस जॉयस और मार्शा वेल के वर्गीकरण में इसे सूचना प्रक्रियाकरण परिवार के अंतर्गत रखा गया है। यह मॉडल ज्ञान को व्यवस्थित रूप से ग्रहण करने और समझ विकसित करने में सहायता करता है। निष्कर्षतः अग्रिम व्यवस्थापक प्रतिमान सूचना प्रसंस्करण आधारित शिक्षण मॉडल है। परीक्षा तथ्य:• David Ausubel = Advance Organizer Model। • Meaningful Learning Theory भी ऑसुबेल से संबंधित है। • Information Processing Models संज्ञानात्मक अधिगम पर आधारित हैं। • पूर्व ज्ञान (Prior Knowledge) अधिगम को अधिक प्रभावी बनाता है। 30 / 30 Category: CHILD DEVELOPMENT 30. किसी भी नयी भाषा को सीखने के लिए कहाँ से प्रारम्भ किया जाना चाहिए? (a) अक्षरों व शब्दों के मध्य साहचर्य से / From association between letters and words (b) वाक्यों के निर्माण से / From formation of sentences (c) शब्दों के निर्माण से / From formation of words (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं / None of the above उत्तर: (a) व्याख्या:नई भाषा का अधिगम क्रमिक एवं व्यवस्थित प्रक्रिया है। भाषा सीखते समय शिक्षार्थी सबसे पहले अक्षरों की पहचान करता है, फिर उनसे शब्द बनाना सीखता है और बाद में वाक्य निर्माण की क्षमता विकसित करता है। अक्षरों और शब्दों के बीच उचित संबंध स्थापित होने से भाषा का आधार मजबूत बनता है। यही कारण है कि भाषा शिक्षण की शुरुआत अक्षरों एवं शब्दों के साहचर्य से की जाती है। निष्कर्षतः भाषा अधिगम की नींव अक्षर-शब्द संबंध की स्पष्ट समझ पर आधारित होती है। परीक्षा तथ्य:• भाषा विकास सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने के क्रम में विकसित होता है। • प्रारंभिक भाषा शिक्षण में ध्वनि एवं अक्षर पहचान महत्वपूर्ण होती है। • मातृभाषा अधिगम और द्वितीय भाषा अधिगम में समान मूलभूत चरण पाए जाते हैं। • Language Acquisition और Language Learning में अंतर पूछा जाता है। Your score isThe average score is 33% 0% Restart quiz